बिज़नेस

भारी गिरावट के अगले ही दिन पलटी बाज़ार की चाल!

Reported by Pushkar Shahi and edited by Pushkar Shahi

सेंसेक्स-निफ्टी में दमदार वापसी, अब निवेशकों की नज़र अगले बड़े संकेत पर

भारतीय शेयर बाज़ार ने गुरुवार को जबरदस्त वापसी करते हुए निवेशकों को राहत दी।

पिछले कारोबारी सत्र में आई महीनों की सबसे बड़ी गिरावट के बाद सस्ते स्तर पर खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज़ उछाल दर्ज किया गया। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और कई प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का दबदबा बना रहा।

दोपहर 12:45 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 473.61 अंकों की बढ़त के साथ 76,977.21 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 भी 141.65 अंक मजबूत होकर 24,023.70 के स्तर पर पहुंच गया। बुधवार की भारी बिकवाली के बाद यह तेजी निवेशकों के बदले हुए रुख का संकेत मानी जा रही है।

दरअसल, एक दिन पहले बाजार पर वैश्विक तनाव का गहरा असर देखने को मिला था। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और अमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी। इसी वजह से बुधवार को निफ्टी करीब 2.12 प्रतिशत और सेंसेक्स 2.15 प्रतिशत टूटकर कई महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज कर चुके थे।


गुरुवार को हालांकि तस्वीर बदली हुई नजर आई।

निवेशकों ने गिरावट का फायदा उठाते हुए मजबूत कंपनियों के शेयरों में खरीदारी शुरू कर दी। इसका सबसे अधिक लाभ रियल एस्टेट, बैंकिंग, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को मिला। इन क्षेत्रों में अच्छी तेजी देखने को मिली। दूसरी ओर, आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले इस सेक्टर में दबाव बना रहा और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

बैंकिंग सेक्टर पर भी बाजार की खास नजर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के दौरान बैंक निफ्टी महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे फिसल गया था, जिससे तकनीकी संकेत कमजोर हुए। हालांकि अब खरीदारी लौटने से सुधार की शुरुआत दिख रही है, लेकिन आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रमुख सपोर्ट लेवल बरकरार रहते हैं या नहीं।


संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए सहारा बनीं।

पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने कैश मार्केट में लगभग 1,963 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने करीब 790 करोड़ रुपये का निवेश किया। हालांकि डेरिवेटिव बाजार में विदेशी निवेशकों ने निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में बिकवाली जारी रखी, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई दे रही है। ब्याज दरें स्थिर हैं और महंगाई भी नियंत्रण में बनी हुई है। इसके बावजूद आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। खासकर अमेरिका-ईरान के रिश्तों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक शिपिंग मार्गों की स्थिति पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक यदि निफ्टी 23,800 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसलता है तो 23,500–23,600 तक कमजोरी बढ़ सकती है। वहीं यदि बाजार मौजूदा स्तरों पर मजबूती बनाए रखता है तो निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।

नोट: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।)

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